उत्तर प्रदेश और प्रयागराज में इन दिनों सूरज सुबह से ही आग उगलना शुरू कर देता है। शाम ढलने के बाद भी गर्म हवाओं का थपेड़ा कम नहीं हो रहा है। ऐसे माहौल में अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उन्हें दिनभर बहुत ज्यादा सुस्ती, पैर-हाथ में दर्द या भारी थकान महसूस हो रही है। लोग इसे आम बात मानकर सो जाते हैं या चाय-कॉफी पीकर टाल देते हैं।
लेकिन मंथन हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभिषेक द्विवेदी के अनुसार, इस झुलसाने वाले मौसम में garmi me thakan aur kamzori महसूस होना कोई आम बात नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर द्वारा दिया जा रहा एक गंभीर Warning Sign (चेतावनी का संकेत) है। इसे मेडिकल भाषा में ‘हीट एग्जॉशन’ (Heat Exhaustion) कहा जाता है, जो आगे चलकर जानलेवा हीटस्ट्रोक में बदल सकता है।
गर्मी की थकान सामान्य क्यों नहीं है? (The Medical Reason)
जब बाहर का पारा 45°C पार होता है, तो हमारा शरीर अंदरूनी अंगों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार पसीना बहाकर खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में शरीर से केवल पानी ही नहीं, बल्कि जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटेशियम भी तेजी से बाहर निकल जाते हैं।
जब शरीर में इन मिनरल्स का संतुलन बिगड़ता है, तो शरीर यह 4 बड़े वॉर्निंग सिग्नल देता है:
- मांसपेशियों में ऐंठन और बदन दर्द (Muscle Cramps): सोडियम की कमी के कारण पिंडलियों, हाथों और पेट की मांसपेशियों में अचानक खिंचाव या तेज दर्द होने लगता है।
- ब्लड प्रेशर का कम होना (Low BP & Dizziness): पानी की कमी (Dehydration) के कारण खून का वॉल्यूम घटता है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक लो हो जाता है। इसी वजह से बैठे-बैठे अचानक उठने पर आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है या चक्कर आने लगते हैं।
- लगातार सिरदर्द और चिड़चिड़ापन (Persistent Headache): दिमाग तक पानी और ऑक्सीजन की सही मात्रा न पहुंचने के कारण सिर में लगातार भारीपन या धीमा दर्द बना रहता है।
- दिल की धड़कन तेज होना और घबराहट: शरीर को सामान्य रखने के दबाव में दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिना किसी भारी काम के भी धड़कनें तेज महसूस होती हैं।
डॉ. अभिषेक द्विवेदी (मंथन हॉस्पिटल) की चेतावनी:
“अगर आपको दिन के अंत में या धूप से आने के बाद अत्यधिक कमजोरी लग रही है, तो आपका शरीर चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा है कि उसके अंदर पानी और नमक खत्म हो चुका है। इसे सिर्फ ‘दिनभर की थकान’ समझकर सोने की गलती न करें। यह सीधे हीटस्ट्रोक का पहला कदम है।”
इस वॉर्निंग साइन को मिलते ही तुरंत क्या करें?
- सादा पानी छोड़ें: तुरंत एक गिलास पानी में ओआरएस (ORS) या नींबू-नमक-चीनी का घोल मिलाकर पिएं।
- पैरों को ऊपर रखें: अगर चक्कर जैसा लग रहा हो, तो पीठ के बल लेट जाएं और पैरों के नीचे तकिया लगाकर उन्हें थोड़ा ऊपर रखें। इससे दिमाग तक ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है।
- ठंडा कंप्रेस: गीले कपड़े से माथा, गर्दन और बगल को पोंछें ताकि शरीर का बढ़ा हुआ तापमान नीचे आ सके।
प्रयागराज के सभी भाई-बहनों से अपील है कि शरीर के इन संकेतों को हल्के में न लें। मंथन हॉस्पिटल आपकी सेवा में हमेशा तैयार है। यदि आराम करने और ओआरएस पीने के बाद भी थकान या घबराहट कम न हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श लें।


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