ORS कब और कैसे लेना चाहिए? इस भीषण गर्मी में ओआरएस पीने का सही वैज्ञानिक तरीका जानिए

प्रयागराज और पूरे उत्तर प्रदेश में नौतपा का टॉर्चर जारी है। इस जानलेवा धूप और लू से बचने के लिए डॉक्टर लगातार ओआरएस (Oral Rehydration Salts) पीने की सलाह दे रहे हैं। बाजार में मेडिकल स्टोर से लेकर जनरल स्टोर तक ओआरएस के पैकेट धड़ल्ले से बिक रहे हैं। लोग इसे खरीद भी रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ORS kab aur kaise lena chahiye?

मंथन हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभिषेक द्विवेदी का कहना है कि ओआरएस कोई साधारण ‘ग्लूकोज का पानी’ या ‘एनर्जी ड्रिंक’ नहीं है, बल्कि यह एक जीवन रक्षक दवा (Life Saving Medicine) है। अगर इसे गलत तरीके से घोला या पिया जाए, तो यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बिगाड़कर किडनी और पेट पर बुरा असर डाल सकता है।

ओआरएस घोल क्या है और यह क्यों जरूरी है? (The Medical Science):

जब हम 46°C की गर्मी में बाहर निकलते हैं, तो पसीने के साथ हमारे शरीर से पानी के अलावा सोडियम, पोटेशियम और क्लोराइड जैसे जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। इसे मेडिकल भाषा में ‘इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी’ कहते हैं।

सादा पानी पीने से पानी की कमी तो पूरी हो सकती है, लेकिन इन मिनरल्स की नहीं। ओआरएस में डब्ल्यूएचओ (WHO) के मानक के अनुसार सटीक मात्रा में नमक और चीनी का मिश्रण होता है, जो आंतों द्वारा पानी को तुरंत सोखने में मदद करता है।

ओआरएस कब लेना चाहिए? (When to Consume):

डॉ. अभिषेक द्विवेदी के अनुसार, इन स्थितियों में ओआरएस तुरंत अमृत का काम करता है:

  • धूप या लू से आने के बाद यदि अत्यधिक थकान, सुस्ती या पैर की पिंडलियों में ऐंठन (Muscle Cramps) हो रही हो।
  • गर्मी के कारण अचानक चक्कर आ रहा हो या आंखों के आगे अंधेरा छा रहा हो।
  • भीषण गर्मी में दस्त (Diarrhea) या उल्टी (Vomiting) होने पर, क्योंकि इस स्थिति में शरीर सबसे तेजी से पानी खोता है।

ओआरएस कैसे बनाना और लेना चाहिए? (The Right Scientific Method):

1. पानी की सही मात्रा का नियम: डब्ल्यूएचओ (WHO) का मानक ओआरएस पैकेट पूरे 1 लीटर पानी के लिए होता है। लोग अक्सर गलती यह करते हैं कि एक गिलास पानी में आधा या एक चम्मच ओआरएस डालकर पी लेते हैं। यह तरीका बिल्कुल गलत है। हमेशा 1 लीटर साफ पानी (उबला हुआ या फिल्टर) लें और उसमें पूरा पैकेट एक साथ घोलें।

2. 24 घंटे का कड़ा नियम: ओआरएस का घोल बनाने के बाद उसे केवल 24 घंटे के भीतर ही इस्तेमाल किया जा सकता है। 24 घंटे से ज्यादा पुराने हो चुके घोल में बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है। यदि घोल बच जाए, तो उसे फेंक दें और अगले दिन नया घोल बनाएं।

3. भूलकर भी न मिलाएं ये चीजें: ओआरएस घोल का स्वाद थोड़ा नमकीन होता है। कई लोग स्वाद बेहतर करने के चक्कर में इसमें ऊपर से चीनी, शहद, नींबू का रस या कोल्ड ड्रिंक मिला देते हैं। ऐसा करने से ओआरएस का वैज्ञानिक संतुलन बिगड़ जाता है और यह फायदा करने के बजाय पेट खराब कर सकता है।

4. डायबिटीज और किडनी के मरीज सावधान: यदि आप डायबिटीज (शुगर) या किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के ओआरएस का अत्यधिक सेवन न करें, क्योंकि इसमें मौजूद सोडियम और पोटेशियम आपका ब्लड प्रेशर या शुगर बढ़ा सकते हैं।

डॉ. अभिषेक द्विवेदी (मंथन हॉस्पिटल) की चेतावनी:

“ओआरएस को सही मात्रा में घोलना ही सबसे बड़ी कला है। बहुत गाढ़ा या बहुत पतला ओआरएस घोल शरीर के अंगों पर दबाव डालता है। नौतपा के इन दिनों में हर घर में 1 लीटर पानी में घुला हुआ ओआरएस तैयार होना चाहिए। खुद को हाइड्रेटेड रखें और सुरक्षित रहें।”