उत्तर प्रदेश इस समय आग की भट्टी बन चुका है। प्रयागराज में पारा 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है और पड़ोसी जिले बांदा में तो तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर पर है। मौसम विभाग (IMD) ने पूरे इलाके में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है। ऐसे जानलेवा मौसम में मंथन हॉस्पिटल के सीनियर फिजिशियन डॉ. अभिषेक द्विवेदी की ओर से प्रयागराज और आसपास के नागरिकों के लिए एक बेहद जरूरी चेतावनी और सलाह जारी की गई है।
क्या इस UP me Bhayanak Garmi के बीच आपका शरीर सुरक्षित है? क्या आप जानते हैं कि जब बाहर का तापमान 45°C से ऊपर जाता है, तो आपके शरीर का इंटरनल कूलिंग सिस्टम (पसीना आना) फेल होने लगता है?
डॉ. अभिषेक द्विवेदी (मंथन हॉस्पिटल) की चेतावनी
“यह सिर्फ सामान्य मौसम की तपिश नहीं है। यह ‘severe heatwave’ की स्थिति है, जहां जरा सी लापरवाही सीधे आपको हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा सकती है। शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने से अचानक चक्कर आना, बेहोशी या हीटस्ट्रोक (लू लगना) का खतरा कई गुना बढ़ गया है।”
डॉक्टर की सीधी सलाह: इस गर्मी से खुद को कैसे बचाएं?
सिर्फ सादा पानी काफी नहीं : इस अत्यधिक तापमान में केवल सादा पानी पीने से शरीर के मिनरल्स की कमी पूरी नहीं होती। पानी में ओआरएस (ORS), नींबू-पानी या काला नमक मिलाकर पिएं।
पीक ऑवर्स में बाहर निकलने से बचें : दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, तब तक बिना किसी इमरजेंसी के घर या ऑफिस से बाहर न निकलें।
शुरुआती लक्षणों को पहचानें : अगर आपको या आपके परिवार में किसी को अत्यधिक थकान, सिरदर्द, जी मिचलाना या चक्कर आने की शिकायत हो, तो इसे आम कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें। यह हीटस्ट्रोक का पहला संकेत हो सकता है।
प्रयागराज के नागरिक कृपया ध्यान दें— यह मौसम घर पर बैठकर लापरवाही बरतने का नहीं है। मंथन हॉस्पिटल आपके स्वास्थ्य के लिए हमेशा तत्पर है। यदि आपको गर्मी के कारण कोई भी अस्वस्थता महसूस होती है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।


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