अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 : मंथन हॉस्पिटल में योग से स्वास्थ्य संकल्प का नया अध्याय – डॉ. अभिषेक द्विवेदी

नमस्ते! मंथन हॉस्पिटल – मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से, मैं, डॉ. अभिषेक द्विवेदी, आप सभी का स्वागत करता हूँ। विश्वभर में हर साल 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का महत्व आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। यह सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और शारीरिक व मानसिक कल्याण के प्रति एक वैश्विक आह्वान है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए, इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर, नैनी स्थित हमारे मंथन हॉस्पिटल में एक विशेष योग शिविर का भव्य आयोजन किया गया।

यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि इस शिविर में हमारे सभी डॉक्टर्स, अस्पताल कर्मचारी, और यहां तक कि मरीजों के परिजनों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम केवल शारीरिक आसनों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बन गया। अगले ही दिन, अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र ने भी इस सकारात्मक पहल को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जो मंथन हॉस्पिटल की समग्र स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आइए, इस विशेष आयोजन के महत्व को समझें, योग के शक्ति को जानें, और मंथन हॉस्पिटल की स्वास्थ्य के प्रति दूरदर्शी सोच पर प्रकाश डालें।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: एक वैश्विक आंदोलन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जिसे 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता दी गई थी, आज एक विश्वव्यापी आंदोलन बन चुका है। यह दिन प्राचीन भारतीय अभ्यास योग के असंख्य लाभों को उजागर करने और लोगों को इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है; यह मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाला एक विज्ञान है। यह हमें आंतरिक शांति, संतुलन और समग्र स्वास्थ्य प्राप्त करने में मदद करता है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, तनाव, चिंता और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में, योग एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभरता है जो इन चुनौतियों का सामना करने और एक स्वस्थ, खुशहाल जीवन जीने में हमारी सहायता कर सकता है।

मंथन हॉस्पिटल में योग शिविर: एक सामुदायिक पहल

  • 21 जून 2025 को, मंथन हॉस्पिटल का प्रांगण ऊर्जा और सकारात्मकता से भर उठा। हमारे योग शिविर में, डॉक्टरों के सफेद कोट से लेकर नर्सिंग स्टाफ की यूनिफॉर्म तक, और मरीजों के परिजनों के रोजमर्रा के कपड़ों तक, सभी ने एक साथ मैट बिछाए और योग आसनों का अभ्यास किया। यह दृश्य अपने आप में प्रेरणादायक था।
  • शिविर का आयोजन एक अनुभवी योग प्रशिक्षक की देखरेख में किया गया, जिन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम (श्वास अभ्यास) और ध्यान तकनीकों का अभ्यास करवाया। हर आसन के साथ, प्रतिभागियों को उसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी बताया गया, जिससे अभ्यास केवल शारीरिक न होकर ज्ञानवर्धक भी बन गया।
  • मरीजों के परिजनों की सहभागिता: यह देखकर विशेष खुशी हुई कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने भी इसमें रुचि दिखाई। उनके लिए, यह तनावपूर्ण समय में कुछ पल की शांति और अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य की कामना के लिए एक सकारात्मक माध्यम था।
  • चिकित्सकों की भागीदारी: हमारे अपने डॉक्टरों ने, जो दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, सक्रिय रूप से इसमें भाग लिया। उनका मानना है कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए योग कितना महत्वपूर्ण है, खासकर उनके जैसे पेशे में।
  • कर्मचारियों का उत्साह: अस्पताल के सहायक कर्मचारी, प्रशासन और अन्य विभागों के सदस्यों ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। यह उनके लिए तनाव कम करने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने का एक शानदार अवसर था।

डॉ. अभिषेक द्विवेदी का संदेश: योग से दीर्घायु और निरोगी जीवन

इस अवसर पर, मंथन हॉस्पिटल के निदेशक के रूप में, मैंने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला। मैंने बताया कि कैसे योग केवल ‘स्ट्रेचिंग’ या ‘व्यायाम’ से कहीं बढ़कर है; यह एक जीवनशैली है जो हमें संतुलन और समग्र कल्याण की ओर ले जाती है।

मैंने कहा, “योग के अभ्यास से मनुष्य सैकड़ों बीमारियों से बच सकता है और लंबी आयु तक स्वस्थ रह सकता है।” यह बात मैं केवल एक चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में कह रहा हूँ जो समग्र स्वास्थ्य के महत्व को समझता है। योग उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, और यहां तक कि तनाव और चिंता जैसी आधुनिक जीवनशैली की कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (immunity) को मजबूत करता है, पाचन में सुधार करता है, और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाता है। नियमित अभ्यास से शरीर लचीला बनता है और आंतरिक अंग बेहतर काम करते हैं।

हमारा उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं है, बल्कि लोगों को एक ऐसा जीवन जीने में मदद करना है जहाँ बीमारियों की ज़रूरत ही न पड़े। योग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संकल्प: योग को जीवन का हिस्सा बनाना

इस शिविर का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब सभी प्रतिभागियों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे। यह केवल एक प्रतीकात्मक कार्य नहीं था, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की अपनी सेहत के प्रति जिम्मेदारी लेने की घोषणा थी। मंथन हॉस्पिटल हमेशा से ही निवारक स्वास्थ्य देखभाल (preventive healthcare) पर जोर देता रहा है, और यह संकल्प इसी दर्शन के अनुरूप है।

हमारा मानना है कि एक स्वस्थ समाज का निर्माण तभी हो सकता है जब प्रत्येक व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सक्रिय हो। योग इस जागरूकता को बढ़ाने का एक शक्तिशाली माध्यम है।

मंथन हॉस्पिटल: समग्र स्वास्थ्य की ओर एक कदम

मंथन हॉस्पिटल प्रयागराज में, हम केवल बीमारियों का इलाज नहीं करते, बल्कि एक समग्र दृष्टिकोण अपनाते हैं। हमारे लिए, मरीज का स्वास्थ्य केवल शारीरिक बीमारी से मुक्ति नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक और भावनात्मक कल्याण भी शामिल है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह सफल आयोजन इसी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण है।

जैसे हम कैंसर और थायराइड जैसी जटिल बीमारियों के लिए अत्याधुनिक उपचार और सफल सर्जरी (जैसा कि डॉ. आशीष कुमार पांडेय ने मुंह के कैंसर के सफल ऑपरेशन से दिखाया) प्रदान करते हैं, वैसे ही हम निवारक स्वास्थ्य देखभाल और जीवनशैली प्रबंधन के महत्व को भी समझते हैं। मैं, डॉ. अभिषेक द्विवेदी, व्यक्तिगत रूप से मानता हूँ कि स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना, जैसे कि योग, उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि अत्याधुनिक चिकित्सा उपचार।

हमारा “स्वस्थ नैनी के संकल्प” इसी व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। हम अपने समुदाय को केवल इलाज नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, ज्ञान और सशक्तिकरण प्रदान करना चाहते हैं।

आगे की राह: योग को अपनाएँ, स्वस्थ जीवन पाएँ

मंथन हॉस्पिटल में आयोजित योग शिविर एक शुरुआत है, एक प्रेरणा है। हम आशा करते हैं कि इस आयोजन ने न केवल हमारे कर्मचारियों और परिजनों को, बल्कि हमारे समुदाय के अन्य सदस्यों को भी योग के प्रति प्रेरित किया होगा।

हम आप सभी से आग्रह करते हैं कि योग को अपने दैनिक जीवन में शामिल करें। चाहे वह 15 मिनट का सुबह का अभ्यास हो या दिनभर में कुछ प्राणायाम, यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

मंथन हॉस्पिटल हमेशा आपकी सेवा में तत्पर है, चाहे वह किसी बीमारी का इलाज हो या स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में आपका मार्गदर्शन।

हमें उम्मीद है कि यह लेख आपको योग के महत्व को समझने और इसे अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

नोट: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे किसी चिकित्सकीय सलाह के रूप में नहीं समझना चाहिए। किसी भी चिकित्सा या योग अभ्यास से पहले, कृपया अपने डॉक्टर या प्रमाणित योग प्रशिक्षक से परामर्श लें। डॉ. अभिषेक द्विवेदी और मंथन हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम आपकी व्यक्तिगत ज़रूरतों के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए हमेशा उपलब्ध है।