थायराइड कैंसर पर सर्जिकल विजय – मंथन हॉस्पिटल में 55 वर्षीय प्रभावती देवी को डॉ. आशीष कुमार पांडेय ने दिया नया जीवन

नमस्ते! मंथन हॉस्पिटल – मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से, मैं, डॉ. अभिषेक द्विवेदी, आज आपसे चिकित्सा विज्ञान की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा करने के लिए उत्साहित हूँ। हमारे नैनी स्थित हॉस्पिटल में, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को उम्मीद की नई किरण मिल रही है। हाल ही में, हमारी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने एक जटिल थायराइड कैंसर के ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसने 55 वर्षीय मरीज, श्रीमती प्रभावती देवी (उम्र 55 वर्ष), को नया जीवन प्रदान किया। यह सफल ऑपरेशन मंथन हॉस्पिटल की अत्याधुनिक क्षमताओं और हमारे चिकित्सकों के अटूट समर्पण का एक और प्रमाण है।

यह कहानी श्रीमती प्रभावती देवी के साहस और हमारे डॉक्टरों की विशेषज्ञता की है, जिन्होंने मिलकर एक विकट चुनौती का सामना किया। आइए, इस असाधारण सर्जिकल सफलता की पूरी कहानी को विस्तार से जानें।


जब थायराइड कैंसर ने विकट रूप लिया: श्रीमती प्रभावती देवी की आपबीती

श्रीमती प्रभावती देवी, जिनकी उम्र 55 वर्ष है, लंबे समय से अपनी गर्दन में बढ़ती हुई परेशानी से जूझ रही थीं। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सामान्य थायराइड की समस्या है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उनकी तकलीफ बढ़ती गई और उनकी थायराइड ग्रंथि में कैंसर ने अपना विकट रूप ले लिया था। वे कई दिनों से इस गंभीर समस्या से परेशान थीं, जिसके कारण उन्हें बोलने, निगलने और यहां तक कि सांस लेने में भी कठिनाई महसूस होने लगी थी। बढ़ती हुई गांठ और उससे जुड़े दर्द ने उनके दैनिक जीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया था, और उनके परिवार में चिंता का माहौल था।

जब उन्होंने मंथन हॉस्पिटल में हमसे संपर्क किया, तो हमारी प्रारंभिक जांच और निदान परीक्षणों (जिसमें थायराइड अल्ट्रासाउंड और बायोप्सी शामिल थी) ने पुष्टि की कि उन्हें थायराइड कैंसर है और वह काफी बढ़ चुका था। थायराइड कैंसर, यदि समय पर निदान और उपचार न किया जाए, तो गर्दन के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों और यहां तक कि शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकता है। श्रीमती प्रभावती देवी के मामले में, स्थिति गंभीर थी, और तुरंत सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता थी।


जटिलता और चुनौती: थायराइड कैंसर सर्जरी की बारीकियां

थायराइड ग्रंथि हमारी गर्दन में स्थित होती है, और यह श्वासनली, अन्नप्रणाली, स्वरयंत्र (वॉयस बॉक्स), और महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं और नसों (विशेषकर रिकरेंट लेरिंजियल नर्व, जो आवाज को नियंत्रित करती है) के बहुत करीब होती है। कैंसरग्रस्त थायराइड ग्रंथि को हटाना, विशेष रूप से जब कैंसर विकट रूप ले चुका हो, अत्यंत जटिल और नाजुक प्रक्रिया होती है। इसमें सर्जन को अत्यधिक सटीकता और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है ताकि कैंसर को पूरी तरह से हटाया जा सके और आसपास के महत्वपूर्ण अंगों और नसों को कोई नुकसान न हो। आवाज के नुकसान या निगलने में कठिनाई जैसी जटिलताओं का जोखिम हमेशा बना रहता है।

श्रीमती प्रभावती देवी के मामले में, कैंसर के फैलाव को देखते हुए, यह एक उच्च जोखिम वाली सर्जरी थी, जिसमें सर्जन की टीम को हर कदम पर अत्यंत सतर्क रहना था।


डॉ. आशीष कुमार पांडेय और उनकी विशेषज्ञ टीम: एक सफल सर्जिकल प्रयास

इस जटिल ऑपरेशन की जिम्मेदारी हमारे प्रमुख जनरल एवं ऑन्कोलॉजी सर्जन, डॉ. आशीष कुमार पांडेय ने ली। डॉ. पांडेय कैंसर सर्जरी, विशेषकर सिर और गर्दन के कैंसर में अपनी असाधारण विशेषज्ञता और अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने श्रीमती प्रभावती देवी के केस का गहराई से अध्ययन किया और उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एक विस्तृत सर्जिकल योजना तैयार की।

डॉ. आशीष कुमार पांडेय के कुशल नेतृत्व में, हमारी एक समर्पित और अनुभवी सर्जिकल टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें शामिल थे:

  • डॉ. नीरज गुप्ता: एक अनुभवी एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान श्रीमती प्रभावती देवी की स्थिरता और आराम सुनिश्चित किया।
  • डॉ. आदर्श द्विवेदी: जिन्होंने डॉ. आशीष कुमार पांडेय के साथ मिलकर सर्जरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, सर्जरी की सटीकता और सफलता में योगदान दिया।
  • अमित कुमार: हमारी नर्सिंग और सहायक स्टाफ टीम के सदस्य, जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान उपकरणों के प्रबंधन और सर्जिकल क्षेत्र की स्वच्छता में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।

यह ऑपरेशन शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 को किया गया और लगभग 2 से 3 घंटे तक चला। यह समय सीमा इस तरह की जटिल सर्जरी के लिए काफी मानक और कुशल है, जो टीम की दक्षता को दर्शाती है। ऑपरेशन के दौरान, टीम ने कैंसरग्रस्त थायराइड ग्रंथि को सावधानीपूर्वक हटाया, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी कैंसर कोशिका पीछे न रहे और आसपास की संवेदनशील संरचनाओं को नुकसान न हो। डॉ. आशीष कुमार पांडेय की सूक्ष्म सर्जिकल तकनीक और उनकी टीम का सटीक तालमेल इस सफलता का आधार बना।


रिकवरी की राह और एक नई उम्मीद

सफल ऑपरेशन के बाद, श्रीमती प्रभावती देवी को हमारी पोस्ट-ऑपरेटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया, जहाँ हमारी समर्पित नर्सिंग टीम ने उनकी गहन निगरानी की। उनकी रिकवरी तेजी से हो रही है, और ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद वे स्थिर थीं।

थायराइड कैंसर के सफल ऑपरेशन का मतलब है कि श्रीमती प्रभावती देवी अब एक सामान्य और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ सकती हैं। यह न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवार के लिए भी एक बड़ी राहत है, जिन्होंने इस पूरी यात्रा में उनके साथ खड़े होकर उनका समर्थन किया।

यह सफलता मंथन हॉस्पिटल में उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं, विशेषज्ञ सर्जनों और एक सहयोगी टीम के अटूट प्रयासों का प्रमाण है। हम केवल बीमारियों का इलाज नहीं करते, बल्कि जीवन को बहाल करते हैं और लोगों के चेहरों पर मुस्कान वापस लाते हैं।


मंथन हॉस्पिटल: उन्नत कैंसर देखभाल का केंद्र

मंथन हॉस्पिटल प्रयागराज में, हम समझते हैं कि कैंसर का निदान कितना भयभीत करने वाला हो सकता है। इसीलिए हम रोगियों और उनके परिवारों को न केवल विश्व स्तरीय चिकित्सा देखभाल, बल्कि भावनात्मक समर्थन और आशा भी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्रीमती प्रभावती देवी का सफल ऑपरेशन हमारी इसी प्रतिबद्धता का एक ज्वलंत उदाहरण है।

हमारे पास:

  • अनुभवी ऑन्कोलॉजी सर्जन: डॉ. आशीष कुमार पांडेय जैसे विशेषज्ञ सर्जन जो सिर और गर्दन के कैंसर सहित विभिन्न प्रकार के कैंसर के उपचार में अग्रणी हैं।
  • मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम: सर्जनों, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, नर्सों और सहायक कर्मचारियों की एक एकीकृत टीम जो रोगी के लिए सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करती है।
  • अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधाएँ: जटिल कैंसर सर्जरी के लिए आवश्यक नवीनतम तकनीक और उपकरण।
  • समग्र रोगी देखभाल: निदान से लेकर रिकवरी तक, हम रोगी की शारीरिक और भावनात्मक ज़रूरतों का पूरा ध्यान रखते हैं।
  • आर्थिक सुलभता: हम मानते हैं कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए, यही कारण है कि हम विभिन्न बीमा योजनाओं और ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत उपचार प्रदान करते हैं, जैसा कि हमारी वर्षगांठ की खबर में भी उल्लेख किया गया था।

थायराइड कैंसर: जागरूकता और शुरुआती निदान का महत्व

श्रीमती प्रभावती देवी का मामला हमें थायराइड कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने और शुरुआती निदान के महत्व की भी याद दिलाता है। यदि आप अपनी गर्दन में कोई गांठ, निगलने में कठिनाई, आवाज में बदलाव या गर्दन में लगातार दर्द महसूस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। शुरुआती पहचान अक्सर उपचार को अधिक प्रभावी बनाती है और बेहतर परिणाम देती है।

मंथन हॉस्पिटल “स्वस्थ नैनी के संकल्प” के साथ अपने समुदाय की सेवा के लिए हमेशा तैयार है। हम आपको आश्वस्त करते हैं कि हमारी टीम सदैव आपकी सेवा में है, नवीनतम चिकित्सा विज्ञान और मानवीय देखभाल के साथ।

हमें उम्मीद है कि श्रीमती प्रभावती देवी की यह कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा बनेगी जो स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मंथन हॉस्पिटल में हम हर जीवन को महत्व देते हैं और उसे बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


नोट: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे किसी चिकित्सकीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी चिकित्सा समस्या के लिए, कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लें। डॉ. आशीष कुमार पांडेय, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. आदर्श द्विवेदी और मंथन हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम आपकी व्यक्तिगत ज़रूरतों के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उपचार प्रदान करने के लिए हमेशा उपलब्ध है।